रोज़ कितना प्रोटीन चाहिए और शाकाहारी स्रोत कौन से हैं?
प्रोटीन केवल जिम करने वालों के लिए नहीं है। यह मांसपेशियों, एंजाइम, हार्मोन, प्रतिरक्षा और शरीर की मरम्मत में काम आता है। जरूरत उम्र, शरीर के वजन, गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार बदलती है।
मुख्य बातें
जरूरी सावधानियां
- सप्लीमेंट जरूरी नहीं यदि भोजन से जरूरत पूरी हो रही है।
- किडनी रोग या अन्य चिकित्सीय स्थिति में व्यक्तिगत लक्ष्य डॉक्टर या डाइटीशियन से लें।
प्रोटीन की जरूरत कैसे निकालें?
एक सामान्य स्वस्थ, कम सक्रिय वयस्क के लिए लगभग 0.8 ग्राम प्रति किलोग्राम शरीर वजन प्रतिदिन सामान्य संदर्भ है। उदाहरण के लिए 50 किलो पर लगभग 40 ग्राम, 60 किलो पर 48 ग्राम और 70 किलो पर 56 ग्राम। यह व्यक्तिगत पर्चा नहीं; उम्र, गर्भावस्था, बीमारी और प्रशिक्षण से जरूरत बदलती है।
व्यायाम करने वालों में
नियमित शक्ति प्रशिक्षण या अधिक खेल गतिविधि करने वालों को अधिक प्रोटीन की जरूरत हो सकती है। केवल अधिक प्रोटीन खाने से बिना प्रशिक्षण के मांसपेशियां अपने-आप नहीं बनतीं।
शाकाहारी स्रोतों को समझें
दाल, चना, राजमा, लोबिया, सोया, टोफू, दूध, दही, पनीर, मूंगफली, मेवे और बीज योगदान देते हैं। 100 ग्राम के आंकड़ों में कच्चे और पके वजन का अंतर बड़ा होता है, इसलिए वास्तविक सर्विंग पर ध्यान दें।
सोया का महत्व
सोयाबीन, टोफू और सोया चंक्स उच्च-प्रोटीन शाकाहारी विकल्प हैं। सामान्य भोजन मात्रा में सोया अधिकांश लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है; इसे बिना कारण हार्मोन बिगाड़ने वाला भोजन मानना उचित नहीं।
अनाज और दाल
चावल-दाल, रोटी-दाल और खिचड़ी जैसे संयोजन अलग अमीनो एसिड प्रोफाइल को पूरक करते हैं। हर निवाले में पूर्ण प्रोटीन बनाना जरूरी नहीं; दिनभर विविध भोजन पर्याप्त है।
दिन में बांटना
नाश्ता, दोपहर और रात—तीनों में अर्थपूर्ण प्रोटीन स्रोत जोड़ना एक ही भोजन में बहुत अधिक लेने से आसान है।
सप्लीमेंट कब?
प्रोटीन पाउडर सुविधा का साधन है, आवश्यकता नहीं। भोजन से जरूरत पूरी हो रही हो तो सप्लीमेंट जरूरी नहीं। किडनी रोग या विशेष चिकित्सीय स्थिति में उच्च-प्रोटीन योजना से पहले व्यक्तिगत सलाह लें।

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